आप ऐसा क्यों सोचते हैं कि पुराने मंदिर बहुत कुछ घर जैसा ही होंगे? Aap aisa kyon sochate hain ki puraane mandir bahut kuchh ghar jaisa hee honge?

आप ऐसा क्यों सोचते हैं कि पुराने मंदिर बहुत कुछ घर जैसा ही होंगे?

प्रत्येक मंदिर बहुत कुछ घर ऐसा ही होता है, क्योंकि वहां पर देवताओं का निवास होता है। प्रारंभ में मनुष्य देवताओं के स्थान के लिए मंदिर बनाता था और वह मंदिर बनाने की शैली से परिचित नहीं था तो मंदिर को अपने घर जैसा ही बनाते थे। मेसोपोटामिया में मंदिर बहुत कुछ घर जैसे ही थे, क्योंकि वहां के लोग अपने ही घरों में मंदिर बना लिया करते थे।

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