प्राचीन भारत में कितने स्थानीय कानून थे? Pracheen bharat mein kitne sthaaney kaanoon the?



सवाल: प्राचीन भारत में कितने स्थानीय कानून थे? 

प्राचीन समय में भारत के कानूनी ग्रंथ को हम धर्मशास्त्र के नाम से जानते हैं। धर्मशास्त्र को अक्सर दक्षिण एशिया में शुरुआत से ही धर्म से कानून की प्रारंभिक रूप से पढ़ा जाता है। हमारे धर्म शास्त्र समाज के विभिन्न सदस्यों के धर्म एवं पवित्र कर्तव्य की शिक्षा लोगों को देते हैं। धर्मशास्त्र लोगों के कर्तव्य एवं उनके कार्यों के बारे में लोगों को बहुत ही अच्छी तरीके से परिभाषित करता है।

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